ऑस्ट्रेलिया के कुछ लोगों ने चीन को "मुद्रा मैनिपुलेटर" के रूप में सूचीबद्ध किये जाने का विरोध किया

2019-08-10 15:07:00

ऑस्ट्रिलिया में कुछ विद्वानों और पदाधिकारियों ने हाल में यह विचार प्रकट किया कि चीनी मुद्रा आरएमबी का मूल्यह्रास बाजार दबाव का परिणाम है। इस सवाल पर अमेरिका द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है।

हाल ही में चीनी मुद्रा की गिरावट होने के साथ साथ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का भी अनुमूल्यन होने लगा है। इसे लेकर ऑस्ट्रेलिया के मशहूर विद्वान जैम्स लॉरेंसेन ने कहा कि जब भी आरएमबी नीचे गिरने लगता है, तब अमेरिका चीन पर मुद्रा की विनिमय दर में हेरफेर करने का आरोप लगाता है। बाजार दबाव और आपूर्ति व खपत के बीच संबंधों के कारण से आरएमबी की गिरावट होना स्वाभाविक है।

ऑस्ट्रेलिया के भूतपूर्व प्रधानमंत्री केविन रूड ने भी चीन को "मुद्रा मैनिपुलेटर" के रूप में सूचीबद्ध किये जाने का विरोध प्रकट किया। उनका मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार घर्षण से विश्व अर्थतंत्र में भारी अनिश्चितता पैदा हुई है। दोनों पक्षों को जल्द ही वार्ता की बहाली करनी चाहिये।

उधर, सिडनी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित सेमिनार में उपस्थित ऑस्ट्रेलियाई विद्वान डेविड वॉल्कर आदि ने चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों के विकास पर विचार प्रकट किया। उन्होंने "चीन की धमकी" का डटकर विरोध करते हुए कहा कि चीन एक सांस्कृतिक शक्तिशाली ताकत बनता जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया और चीन को एक दूसरे का सहारा लेकर साथ-साथ प्रगतियां हासिल करनी चाहिये।

( हूमिन )

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