तिब्बत में गोबी मरुस्थल वृक्षारोपण से हराभरा हो गया

2017-10-09 11:13:01

सुंदर पारिस्थितिकी मॉडल जोन

जब चीन के गोबी मरुस्थल की चर्चा करते हैं, तो लोगों को अक्सर शिनच्यांग, छिंग हाई या भीतरी मंगोलिया की याद आती है। लेकिन आप को पता नहीं होगा कि तिब्बत में गोबी मरुस्थल भी हैं। तिब्बत के अनेक क्षेत्रों में कम वर्षा, सूखा और तेज़ हवा के कारण गोबी मरुस्थल बना। इधर कुछ साल वृक्षारोपण से गोबी मरुस्थल का कुछ भाग हराभरा हो गया है। शिकाज़े शहर की नानमूलिन काउंटी का पारिस्थितिकी मॉडल ज़ोन एक मिसाल है ।

पहले यहां वीरान गोबी थी

नानमूलिन काउंटी के वन ब्यूरो के उपनिदेशक च्यांग वेइच्यांग ने हाल ही में सीआरआई संवाददाता को बताया कि वर्तमान सुंदर पारिस्थितिकी मॉडल जोन पहले वीरान गोबी थी।

उन्होंने बताया, पहले यहां गोबी मरुस्थल था। बालू बहुत था। हर साल सैंड स्टॉर्म गंभीर था, जिससे यहां से 60 से 70 किलोमीटर दूर काउंटी शहर भी प्रभावित था।

वर्तमान हरा भरा दृश्य

अब यहां बीस लाख से अधिक अलग अलग पेड़ नजर आते हैं। 50 किलोमीटर लंबा हरा गलियारा बनाया गया है। नानमूलिन काउंटी तिब्बत की विशाल पर्यावरण सुधार परियोजना का शुरुआती स्थल है और रोल मॉडल भी। इस विशाल परियोजना में कुल 30 अरब युआन की पूंजी लगाई जाएगी, जो छिंगहाई तिब्बत रेलवे लाइन के बाद दूसरी सबसे बड़ी परोयोजना है। यह परियोजना तिब्बत के सात शहर और प्रिफेक्चर की 44 काउंटियों में लागू होगी। अनुमान है कि 2030 में यह पूरा किया जाएगा।

च्यांग वेइच्यांग ने बताया कि वहां मुख्य तौर पर पॉपलर, विलो और एल्म वृक्ष लगाये जाते हैं। ये पेड़ कठोर और उजाड़ जगह में उग सकते हैं और इनके जीवित होने की दर 95 प्रतिशत जा पहुंची है। च्यांग वेइच्यांग ने बताया कि गोबी की प्राकृतिक स्थिति खराब है। वृक्षारोपण में सबसे अहम बात है कि पानी और सर्दी से पेड़ का गुजरना। कीड़े मकोड़े की रोकथाम एक बड़ा काम भी है। तीन वर्षों में पारिस्थितिकी ज़ोन के निर्माण में 15 करोड़ युआन की पूंजी लगायी गयी और गोबी की शक्ल बदली गई।

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