तिब्बत में पारिस्थितिक सभ्यता का निर्माण मजबूत

2018-01-08 11:00:05

इधर के वर्षों में तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में पारिस्थितिक सभ्यता का निर्माण मजबूत किया जा रहा है। स्थानीय सरकार ने हरे पहाड़ ही स्वर्ण पहाड़ हैं के विचार से प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित करने में अथक प्रयास किया है, जिससे आर्थिक व सामाजिक निर्माण को आगे बढ़ाने के साथ-साथ गरीबी उन्मूलन आन्दोलन में भी मदद दी गयी है।

तिब्बत के प्राकृतिक वातावरण संरक्षण कार्यों में वृक्षारोपण और वनीकरण परियोजना को महत्व दिया गया है। नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में वन का क्षेत्रफल 1 करोड़ 79 लाख हैक्टर तक जा पहुंचा है, जो वर्ष 2011 की तुलना में 1.4 लाख हैक्टर अधिक रहा है। तिब्बती वनों में लकड़ी की बचत मात्रा 2.28 अरब घन मीटर तक जा पहुंची है।

स्वायत्त प्रदेश के गरीबी उन्मूलन कार्यालय के एक पदाधिकारी का कहना है कि तिब्बत में पारिस्थितिक संरक्षण परियोजना को गरीबी उन्मूलन के साथ-साथ जोड़ा जाएगा। गरीब क्षेत्रों में स्थानांतरण के मुआवजे खर्च में वृद्धि की जाएगी और रेत-विरोध और वृक्षारोपण के कार्यों में गरीब लोगों को शामिल किया जाएगा, ताकि पारिस्थितिक संरक्षण के दौरान गरीब लोगों को गरीबी से मुक्त किया जा सके।

( हूमिन )

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