तिब्बती संस्कृति का विश्वकोश---थांगका चित्र कला का विकास

2018-05-21 15:35:05

लूहो काउंटी में थांगका चित्र कला का चार सौ वर्ष पुराना इतिहास है। यूंगजू ने वर्ष 2012 में लूहो काउंटी में तिब्बती हस्तशिल्प स्किल प्रशिक्षण स्कूल स्थापित किया जहां मुख्य रूप से थांगका चित्र कला के कलाकार प्रशिक्षित किया जाता है। उन्हों ने कहा,“हमारे स्कूल अब कुल सत्तर से अधिक छात्र पढ़ते हैं। उन्हें स्कूल में छह साल तक अध्ययन करना पड़ेगा। स्कूल में पढ़ने का सभी खर्च हम देते हैं, छात्रों का अध्ययन बिल्कुल निशुल्क है।”

पर्यटकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ कलाकारों ने थांगका का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया है । लेकिन गैर-भौतिक सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से ऐसा करने से थांगका चित्र की गुणवत्ता को कम किया जाएगा और इस कला के भावी विकास पर प्रभाव पड़ेगा। यूंगजू ने बताया कि थांगका चित्र कलाकार बनने के लिए छात्रों को बहुत मेहनती से अध्ययन करना पड़ता है। पर सफल होने के बाद थांगका चित्र कलाकारों को भारी आर्थिक लाभ मिलेगा। यूंगजू ने कहा,“हमारे यहां से स्किल सीखने से गरीबी उन्मूलन के लिए मददगार है। क्योंकि तीन साल पढ़ने वाले छात्रों को भी एक वर्ष में कम से कम तीस हजार युवान का तनख्वाह मिल पाएगा।”

सरकार की मदद से जूंगजू के स्कूल ने गैनत्सी स्टेट के एक सांस्कृतिक कंपनी के साथ उत्पादन और बिक्री सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किये। स्कूल के छात्रों की थांगका चित्रें अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विदेशी बाजारों में बेची गयी हैं।

थांगका चित्र बेचने के माध्यम से गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य जरूर ही साकार किया जा सकता है। लेकिन स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों का ध्यान आर्थिक लाभ पर नहीं रहता है। उनमें बहुत से छात्रों का विचार है कि एक सचमुच कलाकार बनकर अद्भुत काम करेगा। 16 वर्षीय सानलांग ने कहा,“मुझे चित्र कला पसंद है। मेरा स्वप्न है कि मैं एक चित्र कलाकार बनूंगा और थांगका कला का विरासत करूंगा। मैं ने थांगका बेचने से अधिक आय प्राप्त करने की जैसी बातों पर कभी नहीं सोचा।”

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