15वीं विश्व चीनी परंपरागत चिकित्सा महासभा रोम में आयोजित

2018-11-26 16:01:00

15वीं विश्व चीनी परंपरागत चिकित्सा महासभा रोम में आयोजित

वर्तमान में चीनी परंपरागत चिकित्सा के सिद्धांतों और विशिष्टताओं को ज्यादा से ज्यादा देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मान्यता मिल रही है। संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन के महानिदेशक जोस ग्राजिआनो दा सिल्वा ने अपने भाषण में कहा कि चीनी परंपरागत चिकित्सा एक अधिक कारगर विश्व की स्थापना के लिए मददगार साबित होगी।

उन्होंने बताया, पहले, चीनी परंपरागत चिकित्सा के विचार में लोगों को चतुर्मुखी उपायों से अपने शरीर का ख्याल रखना चाहिए, जो पश्चिमी चिकित्सा से अलग है। चीनी परंपरागत चिकित्सा के इलाज में संतुलित खान-पान, व्यायाम करना, ज़ड़ी बूटी दवाइयों का इस्तेमाल, दबाव कम करने जैसे उपाय अपनाये जाते हैं। इसके अलावा चीनी परंपरागत चिकित्सा कृषि के निरंतर विकास में मददगार है। क्योंकि चीनी परंपरागत चिकित्सा के विकास से विश्व के कई क्षेत्रों में ऑर्गेनिक जड़ी बूटियों की जरूरतें बढ़ जाएंगी और पारिवारिक फार्म के लिए एक आकर्षिक बाज़ार खोला जाएगा।

इटली में चीनी परंपरागत चिकित्सा संघ के अध्यक्ष ह च्या ल्यैन ने बताया कि एक प्रभावी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति होने के नाते चीनी परंपरागत चिकित्सा विदेशों में लोकप्रिय हो रही है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय शोध आदान-प्रदान चीनी परंपरागत चिकित्सा के पूर्वी एशिया की चिकित्सा से वैश्विक चिकित्सा के रूप में फैलाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया, चीन में हजारों वर्षों में चीनी परंपरागत चिकित्सा समृद्ध होने का मुख्य कारण उसका चिकित्सकीय परिणाम है। आज चीनी परंपरागत चिकित्सा के अन्य देश में फैलने के पीछे चिकित्सक परिणाम सबसे अहम है। चीनी चिकित्सा पद्धति में आज बेहतर स्थिति इसलिये भी है क्यंकि चीन और विश्व के दूसरे देशों के मशहूर चिकित्सक, विशेषज्ञ और अध्ययनकर्ता यहां इकठ्टा होकर अनुसंधान और क्लिनिक में मिली ताज़ा उपलब्धियों को एक दूसरे के साथ बांट रहे हैं, जो चीनी परंपरागत चिकित्सा के वैश्विकरण और यूएन के मानव स्वास्थ्य के निरंतर विकास लक्ष्य को पूरा करने में बढ़ावा देगा।

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