उत्तरी तिब्बत:उच्च ऊंचाई क्षेत्रों से चरवाहों का स्थानांतरण

2018-12-17 09:00:00

चरवाहों का नया निवास

हाल ही में चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के उत्तर स्थित नाग्छु में कुछ चरवाहों को पाँच हजार मीटर ऊँचाई क्षेत्र से प्रदेश की राजधानी ल्हासा शहर तक स्थानांतरित किया गया है। ल्हासा शहर की ऊँचाई समुद्र तल से 3700 मीटर है, जहां इन चरवाहों का अच्छी तरह निवास किया गया है।

तिब्बती पठार के उत्तरी क्षेत्र की ऊँचाई समुद्र तल से चार पाँच हजार मीटर तक रहती है। प्राकृतिक शर्तों की वजह से यहां रहने वालों का जीवन भी बहुत मुश्किल है। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के गरीबी उन्मूलन कार्यालय के उप प्रधान लू ह्वा तुंग ने कहा कि उच्च ऊंचाई क्षेत्रों में प्राकृतिक पर्यावरण भी बहुत खराब है। इन क्षेत्रों में चिकित्सा और शिक्षा आदि सार्वजनिक सुविधाओं का अभाव पड़ता है और आर्थिक विकास करने की शर्तें भी बहुत कम है। इसलिए गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य साकार करना कोई आसान काम नहीं है। वर्ष 2017 के अप्रैल में स्वायत्त प्रदेश ने तिब्बत के उच्च ऊंचाई क्षेत्रों में से लोगों को स्थानांतरित करने की दस्तावेज़ पास कर नाग्छु क्षेत्र में यह काम शुरू करने का फैसला किया। इस क्षेत्र में स्थित निम्मा काउंटी के रूंमा कस्बे में दो गांवों के 262 परिवार रहते हैं। उन में 81 गरीब परिवार भी हैं। इस क्षेत्र में प्राकृतिक वातावरण बहुत खराब है। अत्यंत सर्दी और ऑक्सीजन का अभाव होने के कारण यहां मानव निवास के लिए उपयुक्त नहीं है। रूंमा कस्बे में बहुत से लोग संधिशोथ और हृदय रोग से ग्रस्त हैं। लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा 60 साल से कम है। प्राइमरी स्कूल में केवल एक से तीन ग्रेड होते हैं और निवासियों के लिए सब्जियों की आपूर्ति करना भी बहुत कठिन है। साथ ही यहां राष्ट्र स्तरीय प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र भी है, बड़ी मात्रा के तिब्बती एंटीलोप और जंगली याक जैसे जानवर रहते हैं। प्राकृतिक वातावरण संरक्षण करने की बड़ी भी जरूरत है। बड़े शहर से दूर रहने की वजह से मोबाइल फोन का संचार नहीं चलता है और चिकित्सा की सेवा भी बहुत लिमिटित है। लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र जंगली जानवर के लिए है, आदमी नहीं।

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