पेइचिंग में स्थापित तिब्बती मिडिल स्कूल की कहानी

2019-02-18 15:03:00

वर्ष 1987 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी ने तिब्बत की बौद्धिक सहायता करने का फैसला कर लिया। केंद्र के आदेश के अनुसार राजधानी पेइचिंग और भीतरी इलाकों के दूसरे शहरों में तिब्बती मिडिल स्कूल स्थापित किये गये।

उसी साल में स्थापित पेइचिंग तिब्बती मिडिल स्कूल 35 हजार वर्ग मीटर विशाल है। अब इस स्कूल में हाई स्कूल के तीन ग्रेड, 18 कक्षाएं संरक्षित हैं, जिनमें 810 छात्र पढ़ते हैं। स्थापना से अभी तक हजारों छात्रों ने इस स्कूल में स्नातक होने के बाद तिब्बत में लौटकर काम करना शुरू किया है। इधर के वर्षों में पेइचिंग तिब्बती मिडिल स्कूल में से अनेक सुन्दर कहानियां हुई हैं और छात्रों व अध्यापकों के बीच भी गहरी भावना उत्पन्न है।

पेइचिंग तिब्बती मिडिल स्कूल की गणित शिक्षक ताऊ चैन क्वून इस स्कूल में अनेक साल काम कर चुकी हैं। उन के बहुत से छात्र इस स्कूल में से स्नातक हो गये हैं और वे प्यार से उन्हें मां पुकारते हैं। स्कूल में मॉडल शिक्षक और कई अन्य सम्मान प्राप्त होने के बावजूद ताऊ चैन क्वून यह बताती हैं कि वह सिर्फ शिक्षा कार्यों और तिब्बती बच्चों से प्रेम करने की एक अध्यापिका हैं। ताऊ चैन क्वून और अपने तिब्बती छात्रों के बीच घनिष्ठ संबंध हैं। वे अक्सर अपने छात्रों के साथ साथ इंटर-क्लास व्यायाम, गाना और पढ़ाई की प्रतियोगिताओं में भाग लेती रही हैं। जो प्रगति प्राप्त करता है, वे उन्हें उपहार खरीक कर देती हैं। जिसका जन्मदिन आता है, वे उन्हें केक तैयार करती हैं। जिसे कठिनाइयां मिलती हैं, वे उन्हें कपड़े और दैनिक आवश्यकताएं तैयार करती हैं। और जब छात्र बीमार हुए, तो ताऊ चैन क्वून उन्हें प्यार की भावना से प्रोत्साहित करती हैं। तिब्बती छात्रों को यह लगता है कि ताऊ चैन क्वून सिर्फ एक अध्यापिका ही नहीं, बल्कि उन की मां जैसे भी हैं। अनेक तिब्बती छात्र ताऊ चैन क्वून के क्लास में से स्नातक हो गये हैं। उनमें बहुत से छात्रों ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिला किया। अपना अध्ययन समाप्त करने के बाद वे तिब्बत में आर्थिक और सामाजिक निर्माण के स्तंभ बन गये हैं। ताऊ चैन क्वून और दूसरे अध्यापकों को अपने छात्रों की प्रगति और विकास पर गौर्वान्वित लगता है।

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