मानव इतिहास में ब्लैक होल का पहला फोटो जारी हुआv

2019-04-15 18:32:01

मानव इतिहास में ब्लैक होल का पहला फोटो जारी हुआv

10 अप्रैल को इवेंट होराइज़न टेलिस्कोप (ईएजटी) कार्यक्रम ने मानव इतिहास में मिला पहला ब्लैक होल का पहला फोटो जारी किया । इस चित्र से मैसिव गैलक्सी एम87 के केंद्र में स्थित एक ब्लैक हॉल की सूचनाएं ज़ाहिर हुई हैं और सौ साल पहले अल्बर्ट आइंस्टाइन द्वारा प्रस्तुत जनरल रिलेटिविटी सिद्धांत की एक बार फिर परीक्षात्मक पुष्टि हुई है ।

पेइचिंग समयानुसार 10 अप्रैल की रात नौ बजे ईएचटी कार्यक्रम ने चीन के शांगहाई और थाईपेइ, अमेरिका के वाशिंगटन, चिली के सैन्टियागो, बेल्जिम के ब्रसेल्स और जापान के टोक्यो में एक साथ संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर मानव के इतिहास में ब्लैक होल का पहला फोटो जारी किया। चीनी विज्ञान अकादमी के शांगहाई वेधशाला के अध्ययनकर्ता लू रूसिन के परिचय के अनुसार इस ब्लैक होल फोटो ने मैसिव गैलेक्सी एम 87 में स्थित एक सुपर ब्लैक होल की सूचनाएं साझा की हैं ।यह ब्लैक होल पृथ्वी से 5 करोड़ 50 लाख प्रकाश वर्ष की दूरी पर है और उसका आयतन सूर्य से 6 अरब 50 करोड़ गुणा अधिक है। उन्होंने बताया, फोटो पर सबसे पहले हम ब्लैक होल की छाया देख सकते हैं। रोशनीदार स्थल और केंद्र में अंधेरे स्थल के बीच कंट्रास्ट दस गुणा से अधिक है । इसका मतलब है कि हमने जो छाया देखी है ,वह सच्ची है ।उसके पास एक गोल छल्ले जैसा ढांचा है ।इस फोटो में एक बड़ी विशेषता यह है कि दक्षिण में रोशनी है ,जबकि उत्तर में अँधेरा है ।उसका कारण ब्लौक होल के घूर्णन यानी घूमते रहने का परिणाम है ।

मानव इतिहास में ब्लैक होल का पहला फोटो जारी हुआv

ध्यान रहे आइंस्टाइन ने अपने जनरल रिलेटिविटी सिद्धांत में भविष्वाणी की थी कि अंतरिक्ष में ब्लैक होल मौजूद है ।ब्लैक होल के पास अत्याधिक शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण शक्ति है, जिसके प्रभावी दायरे से रौशनी भी नहीं बच सकती ।उसके प्रभावी दायरे का नाम ब्लैक होल का व्यासार्द्ध या इवेंट होराइज़न है । आम साक्षेपवाद ने भविष्यवाणी की कि केंद्रीय क्षेत्र में ब्लैक होल मौजूद होने से छाया दिखाई देती है और उसके पास रोशनीदार छल्ला दिखाई देता है ।पहले ब्लैक होल फोटो ने प्रेक्ष्य दृष्टि से आइंस्टाइन के आम साक्षेपवाद की पुष्टि की है । चीनी विज्ञान अकादमी के शांगहाई वेधशाला केन्द्र के उपनिदेशक युएं फंग ने बताया , आम सापेक्षवाद सिद्धांत और ब्लैक होल द्वारा आसपास के गैस ग्रहण करने जैसे सिद्धांतों के अनुसार हम ब्लैक होल के पास गैस की प्रेरक शक्ति का ढांचा निकाल सकते हैं और संबंधित चित्र का अनुमान लगा सकते हैं। अगर हम टेलिस्कोप के आंकड़ों में एक ऐसा चित्र पाते है, जो पहले सिद्धांत के मुताबिक अनुमानित चित्र से मेल खाता है । तो हम आइंस्टाइन की आम साक्षेपवाद की पुष्टि कर सकते हैं ।वर्तमान स्थिति तो ऐसी ही है।

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