चीन अमेरिका व्यापार में अमेरिकी नुकसान का विचार निराधार है

2019-05-31 14:31:00

एक अरसे से अमेरिका में ऐसा विचार प्रचलित है कि चीन-अमेरिका व्यापार में मौजूद बड़े घाटे से अमेरिका का नुकसान हुआ है और विनिर्माण क्षेत्र के लाखों रोज़गार भी चले गये। चीन के कुछ व्यापार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों ने हाल ही में बताया कि चीन अमेरिका व्यापार पारस्परिक लाभ और समान जीत वाला है। अमेरिकी नुकसान का विचार निराधार है। टैरिफ़ का डंडा मारना न सिर्फ़ दूसरे बल्कि खुद को भी हानि पहुंचाएगा।

चीन अमेरिका व्यापार में अमेरिकी नुकसान का विचार निराधार है

पिछले 40 वर्षों में चीन-अमेरिका व्यापार 230 गुणा से अधिक बढ़ा। पेइचिंग विश्व विद्यालय के राष्ट्रीय विकास अनुसंधान केंद्र के मानद अध्यक्ष लिन यी फू ने हाल ही में एक मंच पर भाषण देते हुए कहा कि अमेरिका दवारा चीन से वस्तु खरीदना चीन के प्रति अमेरिका का एहसान नहीं है। चीन अमेरिका व्यापार पारस्परिक लाभ और समान जीत वाला है। उन्होंने कहा, अमेरिका इसलिए चीन से माल खरीदता है कि अमेरिका इन मालों का उत्पादन नहीं करता। इसके अलावा चीन से निर्यातित वस्तुओं के मूल्य कम हैं और गुणवत्ता अच्छी है। तैयार वस्त्र और जूते जैसे वस्तुएं अमेरिका में उत्पादित की जा सकती हैं ,लेकिन उनकी लागत बहुत ऊंची होगी और आम अमेरिकियों को अधिक पैसे खर्च करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में चीन से आयात करना बेहतर है ।यह व्यापार का बुनियादी सिद्धांत है ।अगर किसी को थोड़ी अर्थशास्त्र की जानकारी है ,तो वह यह सिद्धांत जानता है ।

वास्तव में अमेरिका ने अमेरिका चीन व्यापार में भारी लाभ हासिल किया। अमेरिका चीन व्यापार राष्ट्रीय समिति के अध्ययन के अनुसार अमेरिका चीन व्यापार से हर अमेरिकी परिवार हर साल 850 अमेरिकी डॉलर कम खर्च करता है, जो एक अमेरिकी परिवार की आय का 1.5 प्रतिशत है। अमेरिका-चीन व्यापार ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ चीनी पक्ष को इससे लाभ मिलता है जबकि अमेरिका को घाटा।

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी