चीन में शहरों और कस्बों की आबादी 83 करोड़ हुई

2019-08-12 15:32:00

चीनी राजकीय सांख्यिकी ब्यूरो ने हाल ही में जारी नये चीन की स्थापना के 70 वर्षों में आर्थिक और सामाजिक विकास की उपलब्धियों पर एक रिपोर्ट जारी की। इससे पता चलता है कि सुधार और खुलेपन से चीन में शहरीकरण की गति तेज़ रही है। शहरों और कस्बों में स्थाई निवासियों की संख्या 83 करोड़ तक जा पहुंची है। शहरीकरण दर लगभग 60 प्रतिशत जा पहुंची है।

इस रिपोर्ट के अनुसार सुधार और खुलेपन के पहले चीन में शहरों और गांवों के बीच बड़ा फासला मौजूद था। शहरीकरण का विकास धीमा था। शहर और गांव विभाजन था। सुधार और खुलेपन के बाद देश में पारिवारिक पंजीकरण व्यवस्था को लचीला बनाया गया और शहरीकरण की गति तेज़ होने लगी। शहरों और गांवों के बीच श्रमिकों, भूमि, पूंजी जैसे बाज़ार तत्वों की सीमा तोड़ी गयी, जिससे शहरों और गांवों के बीच मौजूद फासला बड़े पैमाने पर कम हुआ। कुछ क्षेत्रों में शहरों और गांवों का एकीकरण पूरा हुआ। 1978 से 2018 तक चीन में शहरों और कस्बों में स्थाई निवासियों की संख्या 17 करोड़ से बढ़कर 83 करोड़ तक जा पहुंची है। शहरीकरण दर 17.92 प्रतिशत से 59.58 प्रतिशत तक जा पहुंची। शहरों की संख्या 193 से 672 तक बढ़ी है, जबकि कस्बों की संख्या 2176 से 21297 तक हुई है। पेइचिंग विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर और अर्थशास्त्री हाई वन के विचार में चीन का शहरीकरण देश के आर्थिक विकास के साथ साथ चला।

उन्होंने बताया ,जब औद्योगिकरण तेज़ होने लगा, तब कृषि का आकर्षण अपेक्षाकृत रूप से कम हुआ। उद्योगों का विकास होने से उत्पादकता बढ़ी और वेतन में भी बढ़ोतरी हुई, इसलिए अधिकतर लोग शहरों की तरफ़ आकर्षित हुए। बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूर पैदा हुए। यह चीनी आर्थिक उत्थान की शुरूआत थी।

हाई वन ने बताया कि वर्तमान में चीन के शहरीकरण की और बड़ी निहित संभावना है।

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