एंजल बाल कोरस की कहानी

2017-04-06 10:36:42

एंजल बाल कोरस की कहानी

दोस्तों, चीन में बहुत सारे लोग अपने बच्चों को तरह-तरह की कला का प्रशिक्षण लेने के लिये कक्षाओं में भेजते हैं। ताकि उनके बच्चे दूसरे बच्चों से अलग हो कर ज्यादा श्रेष्ठ बन सकें। लेकिन एंजल बाल कोरस के सौ से ज्यादा बच्चे एक ही आवाज़ में गाने को सीखने की कोशिश कर रहे हैं। इसकी चर्चा में कोरस की अध्यक्ष सोंग इंगफ़ांग ने बताया कि ,हमारी मांग यह है कि कोरस में मैं नहीं हूं, केवल हम होते हैं। हम बचपन से यह शिक्षा लेते हैं। हमारे बच्चे तो हमारी संपत्ति हैं। एक अच्छा अध्यापक बच्चों की जिन्दगी को बदल सकता है।

एंजल बाल कोरस की अध्यक्ष सोंग इंगफ़ांग को कोरस बहुत पसंद है। और एक कोरस की स्थापना करना उनका बचपन का सपना है। उन्होंने छै वर्ष की आयु में कोरस में प्रवेश किया था। उस समय उनकी अध्यापिका चीनी प्रसिद्ध कोरस कंडक्टर, चीनी कोरस संघ की उपाध्यक्ष प्रोफ़ेसर वू लिंगफ़ङ हैं। कई वर्षों के बाद उन्होंने पेइचिंग में एक प्रसिद्ध मीडिल स्कूल की संगीत कक्षा में पढ़ाई शुरु की। स्नातक होने के बाद वे एक संगीत की अध्यापिका बन गयीं। उनका जीवन अब कभी कोरस से अलग नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा, मैं कोरस सीखते हुए बड़ी हुई हूं। इसलिये मुझे कोरस कला बहुत पसंद है। वास्तव में मेरा एक सपना है कि मुझे एक अपने कोरस की स्थापना करनी चाहिये। आशा है चीन में कोरस का प्रसार-प्रचार किया जा सकेगा, और ज्यादा से ज्यादा लोग कोरस कला को समझकर इसमें भाग लेंगे और इसका आनंद ले सकेंगे। मैं यह काम करना चाहती हूं। यह भी एंजल बाल कोरस की स्थापना का आरंभिक कारण ही है।

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