महिलाओं पर डायबिटीज़ का असर

2017-11-15 18:32:00

दोस्तो, 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 14 नवंबर को जिनेवा में पूरे समाज से महिलाओं पर मधुमेह के असर पर ध्यान देने और महिलाओं में मधुमेह की रोकथाम व नियंत्रण को उन्नत करने की अपील की।

विश्व मधुमेह दिवस अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह संघ व विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित किया गया है। जिसका उद्देश्य विश्व में मधुमेह से जुड़ी समझ को बढ़ाना, मधुमेह की रोकथाम व नियंत्रण को मजबूत करना है। इस साल के विश्व मधुमेह दिवस की थीम है महिलाओं के स्वास्थ्य पर मधुमेह के असर पर ध्यान दें। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता क्रिस्टएन लिंडमेएर ने जिनेवा में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा,वर्तमान में पूरी दुनिया में लगभग 20 करोड़ 50 लाख महिलाएं मधुमेह से पीड़ित हैं। उनमें आधे से ज्यादा लोग पश्चिमी प्रशांत महासागर और दक्षिण-पूर्वी एशिया में रहती हैं। विश्व मधुमेह दिवस के मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पूरे समाज में कार्रवाई कर महिलाओं में मधुमेह की रोकथाम व नियंत्रण को उन्नत करने का समर्थन दिया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मधुमेह मानव के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। वर्ष 2030 तक मधुमेह मानव की मौत का सातवां मुख्य कारण बनेगा। लिंडमेएर ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2015 में जारी आंकड़ों के अनुसार विश्व में कुल 42 करोड़ 20 लाख लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं। मधुमेह अंधापन, गुर्दा के फ़ेल होने, हृदय रोग, मिरगी और निचले अंग परफेगलिया आदि रोगों का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा,वर्ष 1980 के बाद मधुमेह से पीड़ित रोगियों में पुरुषों व स्त्रियों की संख्या में चार गुना इजाफा हो चुका है। जो 42 करोड़ 20 लाख तक पहुंच गयी है। वर्ष 2015 में 16 लाख लोग मधुमेह के कारण मौत के मुंह में चले गए। उनके अलावा विश्व में हर साल लगभग 20 लाख लोग उच्च रक्त शर्करा के प्रभाव से मारे जाते हैं। क्योंकि उच्च रक्त शर्करा से दिल, गुर्दा व यक्ष्मा से जुड़े रोग पैदा होते हैं।

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