शिक्षा से जिन्दगी बदलेगी

2018-03-15 19:04:04

दोस्तो, हाल ही में चीन के एनपीसी व सीपीपीसीसी पेइचिंग में आयोजित हो रहे हैं। देश के विभिन्न जगहों से आए प्रतिनिधि पेइचिंग में इकट्ठे हुए हैं। उनमें बहुत महिला प्रतिनिधि भी शामिल हुई हैं। क्वेईचो जातीय विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय आदान-प्रदान व सहयोग विभाग की प्रधान, अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा कॉलेज की उप डीन ज़न ली उन में से एक हैं। ये गांव में जन्मे म्याओ जाति की लड़की अब उच्च शिक्षालय में एक शिक्षक बन गयीं। ज़न ली के अनुसार शिक्षा ने उन की जिन्दगी को बदल दिया। इसलिये वे शिक्षा के लिये अपना योगदान देंगी।

49 वर्षीय ज़न ली का जन्म दक्षिण-पूर्वी क्वेईचो प्रांत के एक म्याओ जाति के गांव में हुआ। क्योंकि बचपन में उन्होंने यह देखा था कि गांव के कई विद्यार्थी अध्यापक बने। इसलिये उन के दिल में पढ़ने के बाद विश्वविद्यालय में जाने की इच्छा पैदा हुई। क्वेईचो विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग से स्नातक होने के बाद उन्हें क्वेईचो नॉर्मल विश्वविद्यालय में शिक्षा शास्त्र के एमए और ब्रिटेन में लुडू विश्वविद्यालय में एमए किया। फिर उन्होंने चीन के दक्षिण-पश्चिमी विश्वविद्यालय में साहित्यिक के डॉक्टर डिग्री भी प्राप्त की। पढ़ने से ज़न ली न सिर्फ़ म्याओ जाति के गांव से बाहर जाती हैं, बल्कि उन्हें अपनी जिन्दगी का सपना पूरा करने की खुशी भी मिली। उन के अनुसार,बचपन से ही मेरा सपना एक अध्यापिका बनना था। बाद में खूब पढ़ने का अनुभव प्राप्त करके सौभाग्य से मैं विश्वविद्यालय की एक अध्यापिका बन गयी।

एनपीसी के प्रतिनिधि के रूप में ज़न ली अकसर ग्रामीण क्षेत्र के प्राइमरी व मिडिल स्कूलों का दौरा करती हैं, और बुनियादी शिक्षा की स्थिति पर ध्यान देती हैं। इस बार उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में प्रकाश पर्यावरण का सुधार करने का सुझाव लिया। उन्होंने कहा,ग्रामीण क्षेत्रों में प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में कक्षाओं की रोशनी काफ़ी नहीं है। कुछ कक्षाओं में एलईडी का प्रयोग किया गया, लेकिन इसकी रोशनी भी काफ़ी नहीं है। इसलिये इस मामले पर लोगों को ध्यान देना चाहिये।

कैलेंडर

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी