अल्पसंख्यक जातीय कलाकारों के प्रशिक्षण को मजबूत करें:जोंगयोंग डोलमा

2018-03-20 11:35:02

वे बर्फ पर्वत से आई है। उस समय गांव से काउंटी तक जाने में सात दिन लगते थे। वे ऊंची व मधुर आवाज़ से तिब्बती बंधुओं का देशप्रेम गाती हैं। वे लगातार 7वीं, 8वीं व 9वीं एनपीसी की प्रतिनिधि बनी, और 10वीं व 11वीं सीपीपीसीसी की सदस्य भी बनी। उनके अनुसार एनपीसी के प्रतिनिधि व सीपीपीसीसी के सदस्य बनने के बाद उन पर ज्यादा ज़िम्मेदारियां हैं। तो उन्हें ज्यादा अच्छा काम करना होगा। उन्हें आशा है कि अल्पसंख्यक जाति की श्रेष्ठ संस्कृति अच्छी तरह से विकसित हो सकेगी। वे प्रसिद्ध तिब्बती गायिका, चीन की राष्ट्रीय पहली स्तरीय अभिनेत्री ज़ोंगयोंग डोलमा हैं।

गत् सत्तर के दशक के अंत में जोंगयोंग डोलमा ने शांगहाई संगीत कॉलेज में प्रवेश किया। वर्ष 1983 में वे बहुत श्रेष्ठ अंकों से स्नातक हुईं। अपने जन्मस्थान की याद के कारण उन्होंने युन्नान में वापस लौटकर वहां के प्रांतीय गीत व नृत्य मंडल में काम करना शुरू किया। कई दशकों में उनके मधुर गीत हिम पठार से पूरे चीन यहां तक कि विश्व में पहुंच गये। और उन्हें वर्तमान में तिब्बती जाति की स्वर्णिम आवाज़ माना जाता है।

इस वर्ष जोंगयोंग डोलमा फिर एक बार सीपीपीसीसी की सदस्य बनी। उन्होंने जनता के प्रति गहरी भावना लेकर अल्पसंख्यक जातीय कलाकारों के प्रशिक्षण को मजबूत करने का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा,चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की अच्छी नीति के बिना, जनता के प्रशिक्षण के बिना, मैं आज की लोकप्रिय गायिका नहीं बन सकती। मैंने बहुत अल्पसंख्यक जातीय गांवों में दौरा किया। वहां ऐसे बच्चों की संख्या बहुत है, जो अच्छी तरह से गाना गा सकते हैं, और जिन्हें अपनी जाति के प्रति गहरी भावना होती है। तो मैंने दिल में यह सोचा था कि अगर उन्हें मेरी तरह मौका व मंच मिल पाते हैं, तो कितना अच्छा होगा।

कैलेंडर

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी