बाल व सशस्त्र संघर्ष से जुड़ी एक वार्षिक रिपोर्ट जारी

2018-07-12 16:03:07

संयुक्त राष्ट्र संघ ने 27 जून को बाल व सशस्त्र संघर्ष से जुड़ी एक वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इसके अनुसार विश्व में संघर्ष से पीड़ित  बाल अधिकार उल्लंघन से जुड़ी घटनाओं की संख्या वर्ष 2017 में स्पष्ट रूप से बढ़ गयी। यह आंकड़ा हाल के कई वर्षों में सबसे अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस बात की पुष्टि की कि वर्ष 2017 में संघर्ष क्षेत्रों में कुल 21 हजार बच्चों के अधिकार उल्लंघन वाली घटनाएं सामने आयी हैं। मध्य अफ़्रीकी गणराज्य, कांगो किंशासा, म्यांमार, दक्षिण सूडान, सीरिया व यमन में हुईं दुर्घटनाओं की संख्या का अनुपात बहुत भारी है। उन में सीरिया में हुए मामलों की संख्या इस देश का नयी रिकॉर्ड बना। सशस्त्र संघर्ष के प्रत्यक्ष नुकसान के अलावा बाल सैनिकों की भर्ती, बलात्कार, यौन हिंसा, अवैध रूप से हिरासत, अपहरण और मानवीय सहायता से इनकार आदि बच्चों के अधिकार उल्लंघन वाले मामले भी शामिल किए गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के बाल व सशस्त्र संघर्ष मामलों के विशेष प्रतिनिधि विरगिनिया गामबा ने रिपोर्ट जारी करने के संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने हाल ही में सशस्त्र संघर्ष के विभिन्न पक्षों से संपर्क रखने को मजबूत किया, और बाल  रक्षा में कुछ प्रगतियां भी हासिल की हैं। सूडान व कोलम्बिया आदि देशों में संघर्ष के कुछ पक्षों ने बाल सैनिकों को रिहा दिया या बाल सैनिकों की भर्ती न करने का वचन दिया। म्यांमार और मध्य अफ़्रीकी गणराज्य समेत देशों के कुछ सशस्त्र संगठनों ने भी संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ संबंधित कार्रवाई व योजना पर हस्ताक्षर करने की इच्छा प्रकट की।

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