पूरी दुनिया को बहुपक्षवाद का दामन थामना चाहिए : भारतीय विद्वान

2021-05-16 02:00:00

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह

पिछले 9 महीनों में कोरोना वायरस महामारी की वजह से दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है, और विकसित और विकासशील सभी देश परेशान हैं। ऐसी स्थिति में संयुक्त राष्ट्र महासभा का आयोजन होना जहां सभी देशों की भागीदारी है, बहुत मायने रखता है। इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा विश्व निकाय की 75वीं वर्षगांठ है, और कई देशों के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में आम सभा को संबोधित किया है। चूंकि इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा को कोविड-19 महामारी की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जा रहा है, इसलिए यह लगभग पूरी तरह वर्चुअल ही हो रही है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने दुनिया से अपील की कि शांति, विकास, समानता, न्याय, लोकतंत्र और स्वतंत्रता के मूल्यों को कायम रखने के लिए सबको हाथ मिलाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने बहुपक्षवाद, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन से संबंधित मुद्दों पर चीन की सक्रिय भागीदारी जारी रखने की भी बात कही।

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सीएमजी (चाइना मीडिया ग्रुप) के साथ एक ख़ास बातचीत में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भाषण की सराहना की, और कहा कि राष्ट्रपति शी ने अपने भाषण को एक सकारात्मक टिप्पणी के साथ शुरू किया है। उन्होंने अपने भाषण में लोगों की जीवन को प्राथमिकता देने की बात कही है, साथ ही सभी संसाधनों और विज्ञान का उपयोग करके मानव जाति की सुरक्षा पर भी बल दिया है।

चीन-भारत संबंध के जानकार प्रोफेसर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने ख़ास बातचीत में कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का अपने भाषण में वैश्विक सहयोग की भी बा�� कही है, जो कि बहुत जरूरी है। कोरोना महामारी जैसी वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या से निपटने के लिए बहुत ही जरूरी हो जाता है कि सभी देश आपस में मिलकर इस महामारी के खिलाफ लड़ाई लड़े। पूरी दुनिया इस महामारी से प्रभावित है, लगभग सभी देशों की जनता और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है, तो इस मामले में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है।

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी