(इंटरव्यू-तरुण विजय) जानिए, चुनाव परिणाम के बाद कितने आगे बढ़ेंगे चीन-भारत संबंध

2019-05-23 14:06:00

डोकलाम और अन्य सीमा विवाद सब अतीत की बातें हो चुकी हैं। हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में चीन-भारत के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे। साथ ही विवादास्पद मुद्दों को हम बड़े मित्रता के माहौल में सुलझा पाएंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि मोदी अधिक शक्तिशाली बनकर आएंगे और वे सीमा विवाद का हल करने की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे। हम दोनों के बीच पहले से कहीं अधिक बेहतर संबंध बनेंगे, इसकी उम्मीद है। आने वाला वक्त चीन और भारत के बीच नवीन वसंत का उद्घोष करने वाला होगा।

बकौल तरुण चीन और भारत के बीच रिश्तों में सबसे बड़ा संकट विश्वास का है। भारत-चीन रिश्तों में विश्वास की बात सबसे महत्वपूर्ण रहती है। मसूद अजहर के ही मामले को लें तो संयुक्त राष्ट्र में मसूद को आतंकवादी घोषित करने के मुद्दे पर लगभग सभी देश भारत का साथ दे रहे थे। सिर्फ चीन की हिचकिचाहट थी। लंबी प्रतीक्षा के बाद चीन ने भारत की बात मानी। वहीं परमाणु संपन्न देशों के समूह(एनएसजी) में भी चीन सकारात्मक रुख दिखाता है तो भारत की जनता को चीन के साथ बेहतर संबंध बनाने का एक अच्छा संकेत जाएगा।

(इंटरव्यू-तरुण विजय) जानिए, चुनाव परिणाम के बाद कितने आगे बढ़ेंगे चीन-भारत संबंध

माना जाता है कि आतंकवाद के मसले पर चीन और भारत को एक-साथ लड़ना होगा। कहा जाता है कि आतंकवादियों का कोई देश या धर्म नहीं होता। लेकिन पाकिस्तान आतंक की फैक्ट्री बना हुआ है। जबकि भारत आतंकवाद का शिकार रहा है। साथ ही चीन भी आतंकवाद से त्रस्त है। अगर भारत और चीन आतंकवाद के मुद्दे पर एकजुट होते हैं तो पूरी दुनिया को एक बहुत अच्छा संदेश जाता है।

इतना ही नहीं चीन और भारत प्राचीन सभ्यता वाले देश हैं। हमारा पाँच हजार वर्ष पुराना मैत्री का एक इतिहास रहा है। इतने लंबे समय में एक-दो घटनाओं को बस अपवाद कहा जा सकता है। वरना हमारी मैत्री अद्भुत, असाधारण और अभूतपूर्व है। हमारी दोस्ती बुद्ध और कंफ्यूशियस की है, कुमारजीव और ह्वेनसांग की है, मोदी और शी चिनफिंग की है। ये अध्याय हमें पुनर्जीवित करने होंगे।

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी