अमेरिका की आलोचना करने के लिए लाईन में खड़े सौ से अधिक देश

2021-06-06 01:31:00

210 मिनट के सम्मेलन के दौरान अमेरिका के दोस्तों सहित 110 से अधिक देशों ने अमेरिका के मानवाधिकार रिकॉर्ड के बारे में सवाल पूछने, आलोचना करने और सुझाव देने के लिए लाइन में खड़े हुए। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा अमेरिका के मानवाधिकार रिकॉर्ड की समीक्षा करने के दौरान यह दृश्य नजर आया। उसी दिन अमेरिका में कोविड-19 के पुष्ट मामलों की संख्या 1 करोड़ के पार हो गई और मौत के मामलों की संख्या 2.4 लाख के करीब पहुंच गई।

दुखद महामारी के आंकड़ों और दुनिया भर की सामूहिक आलोचना से पता चलता है कि "मानवाधिकार रक्षक" के परिवार में मानवाधिकारों की स्थिति वास्तव में भयानक है, विशेष रूप से वर्ष 2020 में फैली कोविड-19 महामारी ने एक बड़े शीशे की तरह अमेरिका में मानवाधिकार के कुकर्म को दर्शाया।

अमेरिकी राजनीतिज्ञ हमेशा दूसरे देशों के मानवाधिकारों पर उंगली उठाते हैं। तो उन्हें कैसे यह समझाना चाहिए कि दुनिया में सबसे मजबूत आर्थिक और तकनीकी ताकत देश और दुनिया में सबसे प्रचुर चिकित्सा संसाधन वाले देश के रूप में अमेरिका में महामारी के पुष्ट मामलों और मौत मामलों की संख्या सबसे अधिक है? अमेरिकी जनता के सबसे बुनियादी मानवाधिकारों यानी अस्तित्व और विकास के अधिकारों को कैसे दबाया गया?

एकमात्र व्याख्यान यह है कि अमेरिकी राजनीतिज्ञ चुनाव की राजनीति को लोगों की जान से ऊपर रखते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए महामारी के मुकाबले में देरी की। उन्होंने बार-बार महामारी का राजनीतिकरण किया और विफलता की जिम्मेदारी को दूसरों पर थोपकर अपना पल्ला झाड़ा। उन्होंने विशेषज्ञों के सुझावों से इंकार किया और आर्थिक लाभ के लिए बार-बार महामारी के रोकथाम कदमों में ढील बरती। वाशिंगटन पोस्ट ने इसे "एक राज्य द्वारा स्वीकार्य हत्या" बताया।

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