विकासशील देशों के गरीबी उन्मूलन की मिसाल है चीन

2021-05-14 18:25:07

16 अक्तूबर विश्व खाद्यान्न दिवस है। इस साल विश्व खाद्यान्न दिवस का मुख्य विषय है एकसाथ विकसित, समृद्ध और बरकरार रहना और कार्रवाई से भविष्य का निर्माण करना। संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था में सबसे बड़ी मानवीय राहत संस्था के नाते विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) हर साल लगभग 80 देशों के 9 करोड़ लोगों को राहत पहुंचाता है। डब्ल्यूएफपी और चीन के बीच क्या संबंध है और दोनों पक्ष क्या सहयोग करते हैं.... इन मुद्दों पर चाइना मीडिया ग्रुप के संवाददाता ने चीन स्थित डब्ल्यूएफपी के प्रतिनिधि छ्यू सीशी के साथ एक विशेष साक्षात्कार किया, जिसमें उन्होंने बताया कि चीन विकासशील देशों के गरीबी उन्मूलन की मिसाल है। अन्य विकासशील देश चीन के अनुभवों से बहुत कुछ सीख सकते हैं।

वर्ष 1979 में विश्व खाद्य कार्यक्रम चीन में परिचित हुआ। वह चीन में गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास का साक्षी है। छ्यू सीशी के विचार में चीन विकासशील देशों में गरीबी मिटाने का आदर्श मॉडल है। उन्होंने कहा कि निसंदेह गरीबी दूर करने में चीन सभी विकासशील देशों में एक आदर्श देश है। सुधार और खुलेपन से अब तक चीन ने निरंतर कोशिशों से 80 करोड़ से अधिक गरीब आबादी को गरीबी से बाहर निकाला है। यह विश्व गरीबी उन्मूलन कार्य के लिए एक बड़ा योगदान है। इस दौरान प्राप्त देर सारे अनुभव अन्य विकासशील देशों के लिए सीखने के योग्य हैं। कहा जा सकता है कि चीन की असाधारण उपलब्धियों ने अन्य विकासशील देशों को प्रेरणा दी है।

डब्ल्यूएफपी ने चीन में 70 से अधिक गरीबी उन्मूलन और आपदा के बाद पुनर्निमाण परियोजनाओं को लागू किया और चीन में तेज आर्थिक विकास और भूखमरी मिटाने की प्रक्रिया के साथ वर्ष 2005 में चीन के प्रति राहत परियोजना बंद की। चीन अनाज स्वीकार करने वाले देश से डब्ल्यूएफपी के वैश्विक कार्यक्रम में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला देश बन गया।

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